आगरा में एक मंदिर तोड़े जाने के खिलाफ एसएसपी दफ्तर के बाहर हिंदूवादी संगठनों ने हाईवोल्टेज ड्रामा किया. मंदिर तोड़े जाने से नाराज अखिल भारतीय हिंदू महासभा के नेता हाथ में ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोलतल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए और एसएसपी दफ्तर के बाहर खुद पर पेट्रोल छिड़ लिया.
आग लगने से पहले ही मौके पर अधिकवक्ता और पुलिसकर्मी पहुंच गए और कार्यकर्ताओं को आत्मदाह से रोक लिया. हिंदूवादी नेताओं और पुलिस के बीच जमकर खींचतान देखने को मिली. पुलिस कार्यकर्ताओं को अंदर ले गई लेकिन कई कार्यकर्ता सड़क पर ही लेट गए.
पुलिस और कार्यकर्ताओं में जारी विवाद के बीच ही बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई. प्रशासन ने नाराज हिंदूवादी नेताओं का कहना है कि अतिक्रमण अभियान के नाम पर आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने मंदिर को ही तोड़ दिया. अधिकारियों ने मंदिर के अंदर रखी मूर्तियों को उठा लिया.
नेताओं ने कहा कि जब तक मूर्ति नहीं लौटा दी जाती, वे अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे. अगर मूर्ति नहीं लौटाई जाती है तो आंदोलन जारी रहेगा. पुलिस लगातार मामले को शांत कराने की कोशिश करती रही. पुलिस ने एसएसपी कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाले हिंदूवादी नेताओं को फिलहाल हिरासत में लेकर थाने भिजवा दिया है.
दोषियों के खिलाफ होगा एक्शन!
सीओ कोतवाली का कहना है कि इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. जो भी इस केस में दोषी होगा, उसके खिलाफ केस दर्ज कर एक्शन लिया जाएगा. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. प्रदर्शनकारियों में से एक आचार्य धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि एडीए के अधिकारियों ने मंदिर तोड़ा और मूर्तियां जब्त कर लीं. जब तक भगवान की मूर्ति हमें नहीं दी जाएगी, हमारा आंदोलन जारी रहेगा.