उत्तर प्रदेश पुलिस को मिली कामयाबी, चार रोहिंग्या किए गिरफ्तार

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) को एक बडी कामयाबी मिली है. जिसके तहत यूपी ATS ने भारत में अवैध रूप से रह रहे रोहिग्या (Rohingya) समुदाय के एक बड़े गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. जो म्यांमार और बांग्लादेश से भारत आने वाले रोहिंग्या समुदाय के लोगों को अवैध रूप से भारत में स्थापित कराकर देश में बड़े स्तर पर मानव तस्करी के साथ सोने की भी तस्करी करा रहे थे. आरोप हैं कि देश की जनसंख्या को असंतुलित करने के प्रयास के साथ हवाला के जरिये पैसों का लेन-देन कर देश की अर्थव्यवस्था को भी क्षति पहुंचा रहे थे.

UP पुलिस को मिली इस बड़ी सफलता के बाद राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश के एडीजी एटीएस जीके गोस्वामी और ADG कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने एक प्रेस कांफ्रेस की. जिसमें भारत में अवैध रूप से रहने वाले रोहिंग्या समुदाय के एक संगठित गिरोह के 4 सदस्यों को यूपी के मेरठ से गिरफ्तार किये जाने की जानकारी दी. उन्होंने देश में अब तक सर्वाधिक 15 रोहिंग्या समुदाय के सदस्यों को गिरफ्तार किये जाने का दावा किया है.

भारत में बड़े स्तर पर आ रहे रोहिंग्या

ADG कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया, “बीते कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि म्यांमार के रोहिग्यांओं को बांग्लादेश और भारत की अन्तरार्राष्ट्रीय सीमा से भारत में प्रवेश कराकर उन्हें फर्जी दस्तावेजो के आधार पर देश में स्थापित कराया जा रहा है. साथ ही बांग्लादेश के रिफ्यूजी कैंप में रह रहे लोगों को भी प्रेरित कर अवैध दस्तावेजों के जरिये भारत में स्थापित कराने के बाद नौकरी दिलाकर उनकी सैलरी से कमीशन लिया जा रहा है. यही नहीं रोहिंग्या समुदाय के ये लोग देश विरोधी गतिविधियो में भी शामिल हैं.”
म्यांमार से लाकर भारत से मलेशिया तक बेची जा रही महिलाएं

ADG कानून-व्यवस्था के मुताबिक इंटेलिजेंस से मिली इस सूचना पर यूपी ATS द्वारा मेरठ में रह रहे म्यांमार के मूल निवासी रोहिंग्या समुदाय के एक बड़े गिरोह के सक्रिय सदस्यों हाफिज शफीक समेत 4 रोहिंग्याओं को मेरठ, अलीगढ़ और बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया है. जिनके जरिये फर्जी दस्तावेज बनवाकर म्यामार से लाई गई महिलाओं को भारत से लेकर मलेशिया तक बेच कर मानव तस्करी के साथ सोने की भी तस्करी किये जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. साथ ही रोहिंग्याओं को लगातर भारत बुलाकर देश की जनसंख्या में असंतुलन के प्रयास के साथ अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुचाये जाने की भी बात सामने आई है.