जबरिया रिटायर्ड आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी से मांगी औपचारिक विदाई की पार्टी - सरस जनवाद

जबरिया रिटायर्ड आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी से मांगी औपचारिक विदाई की पार्टी

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लखनऊ। अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने के बाद पूर्व आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। पहले रिटायर किए जाने के बाद अमिताभ ठाकुर ने अपने घर की नेमप्लेट में ‘जबरिया रिटायर्ड’ लिखवाया। अब उन्होंने एक पत्र उत्तर प्रदेश के डीजीपी एचसी अवस्थी को लिखकर सेवानिवृत्ति पर पारंपरिक फेयरवेल डिनर का मांग की है। इसकी जानकारी उन्होंने खुद फेसबुक और टि्वटर पोस्ट के माध्यम से दी है। 

उत्तर प्रदेश के डीजीपी एचसी अवस्थी को लिखे पत्र में अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि पिछले दिनों मुझे भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश दिया गया, जिसके बाद मैं सेवानिवृत्त हो गया हूं। मैंने अपनी सेवा के प्रारंभ से उत्तर प्रदेश में प्रत्येक आइपीएस अधिकारी की सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद एक-दो दिवस में सामान्य तौर पर लखनऊ स्थित पुलिस अफसर मेस में फेयरवेल डिनर दिए जाते देखा है। कुछ डीजीपी ने भारी शानो-शौकत के साथ सेरेमोनियल परेड सहित कई प्रकार से अपनी स्वयं की विदाई की है। स्वयं मुझे सेवा में रहते आपके कार्यालय से निर्गत इस प्रकार के अगणित पत्र/कार्यक्रम प्राप्त हुए।

पूर्व आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को भेजे पत्र में आगे लिखा कि ‘मैं भी उसी आइपीएस सेवा का सदस्य था, जिसके सभी अफसरों को डीजीपी कार्यालय ने पारंपरिक रूप से यह विदाई दी है। इस रूप में यह मेरा अधिकार और डीजीपी कार्यालय का कर्तव्य है कि मुझे इस प्रकार की विदाई दें। मुझे उक्त विदाई देने के संबंध में अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जबकि यह माह बीतने को है। अत: मैं उपरोक्त तथ्यों के संदर्भ में स्वयं ही यह अनुरोध कर रहा हूं कि कृपया उत्तर प्रदेश पुलिस में पारंपरिक रूप से स्थापित इस प्रक्रिया के अनुसार मुझे भी यथाशीघ्र फेयरवेल डिनर के माध्यम से पारंपरिक विदाई प्रदान करने की कृपा करें।

अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने मोर्चा खोल रखा है। उन्होंने पिछले दिनों लखनऊ स्थित अपने आवास पर लगे नेप प्लेट पर अपने नाम के आगे ‘जबरिया रिटायर्ड’ लिख दिया था। इससे पहले अमिताभ ने अपनी अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश ट्वीट किया था। उन्होंने खुद अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने के सरकार के फैसले को सार्वजिक किया था। इसके बाद अमिताभ ने करीब दो साल पहले उनकी ओर से सरकार को लिखा गया पत्र वायरल किया था। अमिताभ ने पत्र के कुछ अंश ट्वीट कर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने की तैयारी पहले से ही किए जाने की बात कही थी और इस फैसले को अन्यायपरक कहा था।

बता दें कि गृह मंत्रालय की स्क्रीनिंग में उत्तर प्रदेश के अमिताभ ठाकुर सहित तीन आइपीएस अफसरों को सरकारी सेवा के लिए अनुपयुक्त पाया गया है। तीनों अधिकारियों पर गंभीर आरोपों की बात कही गई है। अमिताभ ठाकुर आइजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर थे। अमिताभ ठाकुर के अलावा आइपीएस राजेश कृष्ण और आइपीएस राकेश शंकर को रिटायर किया गया है।

उत्तर प्रदेश कैडर के 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर लेखक, कवि और आरटीआइ ऐक्टिविस्ट भी हैं। सपा सरकार में उन्होंने सीधे तौर पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह से विवाद मोल ले लिया था। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के खिलाफ धमकी का केस भी दर्ज करावाया। इसके बाद अखिलेश सरकार ने भी उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया। यही नहीं अमिताभ ठाकुर के खिलाफ कई विभागीय कार्रवाई भी हो चुकी हैं। अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर भी आरटीआइ ऐक्टिविस्ट हैं। अमिताभ ठाकुर ने योगी सरकार में भी कई बार बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर आवाज उठाई है।