गोकशी के शक में 2 लोगों पर किए गए हमले के आरोपित बरी

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ग्रेटर नोएडा: जेवर में 3 साल पहले गोकशी के लिए गायों को ले जाने के शक में 2 लोगों पर किए गए हमले में आरोपित बरी हो गए हैं। कोर्ट में पीड़ितों ने कहा कि भीड़ ने हमला किया था। अब उन्हें पहचान नहीं सकते हैं। वे दूध के लिए दूसरे गांव से गाय खरीदकर घर लौट रहे थे। हमला राजस्थान में पहलू खान की हत्या के एक माह बाद हुआ था। लिहाजा देशभर में इसकी भी चर्चा हुई थी। उस दौरान देश के कई हिस्सों में इसी तर्ज पर गोवंश ले जाने वालों पर हमले हुए थे। राजनीतिक हलकों में जेवर की यह घटना कई दिनों तक चर्चा में थी।

हमला 4 मई 2017 को जेवर में जबर सिंह और उनके साथी भूप सिंह पर किया गया था। ये दोनों महेंदीपुर गांव से गाय खरीदकर अपने गांव सिरसा मांझीपुर जा रहे थे। थकान होने पर उन्होंने जेवर के पास गाय को हैंडपंप से पानी पिलाया और आराम करने के लिए पेड़ की छांव में बैठ गए। आरोप था कि उसी दौरान जेवर में रहने वाले महेश, अशोक, गौरव और ओमप्रकाश आदि 8 से 10 लोग वहां पहुंच गए और गोकशी के लिए गाय ले जाने का आरोप लगाते हुए उन पर हमला कर दिया। उनके कपड़े भी फाड़ दिए। हमलावर कहते रहे कि वे मुसलमान हैं। हिंदू होने का सबूत मांगा गया। पुलिस ने चोटों के आधार पर जानलेवा हमले की धारा केस में बढ़ाई। महेश, अशोक और गौरव को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई।

कोर्ट में गवाही के दौरान पीड़ितों ने कहा कि वे अपने बच्चों को दूध पिलाने के लिए गाय लेकर आ रहे थे। ये गाय उनको महेंदीपुर निवासी असगर ने बिना पैसे लिए दी थी। हमला करने वाले लोग उनसे कह रहे थे कि वे गाय को कटवाने के लिए लेकर जा रहे हैं। वे कहते रहे कि वे हिंदू हैं और गांव के प्रधान से से बात करा देंगे, लेकिन हमलावर नहीं माने। मारपीट करने वालों को वह पहले से नहीं जानते थे। मौके पर मौजूद भीड़ ने मारपीट करने वालों के नाम महेश, गौरव व अशोक बताए थे। वह मारपीट करने वालों को तब भी नहीं पहचान पाए थे और अब भी नहीं पहचान सकते हैं। कोर्ट में मौजूद आरोपितों को देखकर पीड़ितों ने पहचानने से इनकार कर दिया। सबूतों के अभाव में सेशन जज विशेष शर्मा की अदालत ने तीनों लोगों को बरी कर दिया।