कैथल, 20 फ़रवरी । शहर के जाखौली अड्डा स्थित शराब ठेके के बाहर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की वारदात के पीछे 12 साल पुराना भाई की हत्या का दर्द सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह हमला वर्ष 2014 के बहुचर्चित मंदीप हत्याकांड की रंजिश का नतीजा माना जा रहा है। मृतक मंदीप के भाई संदीप ने अपने भाई की मौत का बदला लेने की नीयत से यह हमला रचा। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग और सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी उपासना ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि बलराज नगर निवासी अमित की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार 19 फरवरी की रात अमित अपने परिचित राहुल के साथ कार में शराब ठेके पर पहुंचा था। राहुल अंदर कैश लेने गया, जबकि अमित कार की कंडक्टर सीट पर बैठा था। इसी दौरान मटौर निवासी संदीप वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने हाथ में पकड़े देशी कट्टे से सीधे अमित पर फायर कर दिया। पहला फायर अमित को छूता हुआ निकल गया, जबकि दूसरा ड्राइवर सीट में जा धंसा। इसके बाद आरोपियों ने उसे गाड़ी से बाहर निकलने की धमकी दी।
अमित किसी तरह पीछे की सीट से खिड़की के रास्ते निकलकर भागा, लेकिन हमलावर पीछा करते हुए अनाज मंडी तक पहुंच गए। मंडी गेट पर दोबारा गोलियां चलीं, जिनमें एक गोली अमित के दाहिने हाथ में लगी। घायल अवस्था में वह एक ट्रक के पीछे छिप गया, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। उसे तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, हथियार बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए-1, एसडीयू और थाना शहर की टीमें गठित की गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मटौर निवासी कुलदीप को अनाज मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वहीं 17 वर्षीय नाबालिग को ग्योग रोड क्षेत्र से निरुद्ध किया गया। नाबालिग के कब्जे से 12 बोर का देशी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और एक खोल बरामद हुआ है। मुख्य आरोपी संदीप की तलाश में दबिश जारी हैं।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2014 में हुए मंदीप हत्याकांड में अमित और उसके साथियों का नाम आया था। हालांकि वर्ष 2015 में अदालत से वे बरी हो गए थे, लेकिन मृतक के भाई संदीप के मन में रंजिश खत्म नहीं हुई। संदीप अपने भाई की हत्या को लेकर वर्षों से आक्रोश में था और बदला लेने की फिराक में था। पुलिस का मानना है कि इसी योजना के तहत शराब ठेके पर अमित को निशाना बनाया गया।