लखनऊ, 20 फरवरी । बजट सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को कांग्रेस ने सदन के अंदर नौजवानों की बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। बजट पर बोलते हुए कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने बढ़ते बजट के आकार और संख्या को सिर्फ ढोंग बताया, और कहा कि जब खर्च ही नहीं करना तो बजट बड़ा दिखाने से प्रदेश की जनता को क्या फायदा। कांग्रेस ने विधानसभा में आज कड़े तेवर दिखाते हुए बजट के आकार की संख्या को लेकर सरकार को घेरा और युवाओं की आउटसोर्सिंग नौकरी को लेकर सरकार पर तीखा निशान साधते हुए कहा कि सरकार की इच्छा शक्ति ना बजट खर्च करने की है, न युवाओं को स्थाई नौकरी देने की है । कांग्रेस पार्टी ने सदन के अंदर युवाओं को स्थाई नौकरी और सम्मानजनक वेतन देने को लेकर ठोस नीति बनाने की मांग की।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि डबल इंजन की सरकार विकास के नाम पर सिर्फ निजीकरण कर रही है। सरकार बजट के दांव पेंच के नाम पर लोगों को गुमराह रखना चाहती है। यह प्रदेश की जनता- युवाओं, किसानों, आम आदमी से, इस प्रदेश के दलितों – पिछड़ों, गरीबों से धोखा है। कहा कि बजट का आकार लगातार बढ़ता चला जा रहा है लेकिन खर्च उतना ही हो रहा है जितना पांच साल पहले हुआ करता था, तो ऐसे में बजट की संख्या बढ़ा देने से क्या फायदा ? ऐसे बजट से उस प्रदेश की जनता का कोई लाभ नहीं, इस बार 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने 9 लाख 13000 करोड़ का बजट पेश किया है, इससे पहले भी 2025- 26 में 8 लाख 8736 करोड़ का मूल बजट पेश हुआ था।